liivret क्यों
liivret इस्तेमाल करने की हमारी बात यह है।
हमें जानने के लिए कुछ सवाल। तुम्हारा सवाल यहाँ न मिले तो हमें ईमेल करो और हम जवाब देंगे!
liivret उन सबके लिए है जो सीखी जा रही भाषा सच में इस्तेमाल करना चाहते हैं: विदेश जाने वाले, काम या पढ़ाई के लिए सीखने वाले, परीक्षा की तैयारी करने वाले, या सालों बाद कोई भाषा दोबारा उठाने वाले। liivret को बताओ कि क्या मायने रखता है, और वह ऑडियो और छोटी कहानियों वाला तुम्हारा शब्द-डेक बना देता है।
या फिर बस एक असली बातचीत करनी है, बिना इसके कि दिमाग़ अचानक सीखा हुआ हर शब्द भूल जाए।
नई ज़िंदगी के लिए इतालवी सीखनी है? नौकरी के लिए फ़्रेंच? मेडिकल सेल्स के शब्द? किचन में काम आने वाली शब्दावली? वह भी हम बना सकते हैं।
और हमारा मानना है कि भाषा को सिर्फ़ एक फ़्लैशकार्ड तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
शब्द उदाहरणों, ऑडियो, लिखने, वाक्यों और दिलचस्प कहानियों से सीखे जाते हैं, जो उन्हें संदर्भ देती हैं। सीखते हुए liivret तुम्हें आगे बढ़ाता है: शब्द पहचानना → उसे लिखना → इस्तेमाल करना → ज़रूरत के वक़्त याद कर पाना।
क्योंकि मक़सद ज़्यादा शब्द जानना नहीं है।
मक़सद यह है कि दूसरी भाषा में जीते, काम करते, बोलते और सोचते हुए ज़्यादा शब्द तुम्हारे हाथ में हों।
liivret हम इसी के लिए बना रहे हैं।
liivret 15 भाषाएँ सिखाता है: अंग्रेज़ी, फ़्रेंच, स्पेनिश, जर्मन, इतालवी, पुर्तगाली, डच, नॉर्वेजियन, स्वीडिश, डेनिश, जापानी, कोरियाई, चीनी, अरबी और हिन्दी। हर भाषा में ऑडियो, उदाहरण वाक्य, छोटी कहानियाँ और अंतराल पर दोहराव मिलता है, और किसी भी भाषा में अपने सीखने के मक़सद पर लिखे एक वाक्य से डेक बनाया जा सकता है।
तुम्हें जो भाषा चाहिए वह नहीं मिली? हमें ईमेल करके बताओ कि कौन सी।
हम वादा नहीं कर सकते कि कोई शब्द कभी याद से नहीं जाएगा, पर liivret भूलना काफ़ी कम कर देता है। वह हर शब्द को भूलने से ठीक पहले वापस लाता है, उसे याद से टाइप करवाता है और तुम्हारे स्तर की छोटी कहानियों में रखता है, ताकि शब्द को टिकने का सहारा मिले।
liivret इस पर बना है कि तुम्हारा दिमाग़ यादें असल में कैसे बनाता और निकालता है, शब्दों को अकेले रटवाने पर नहीं।
हम सबने वह अंतहीन पढ़ाई की है जिसमें आँखें थक जाती हैं, और फिर असली बातचीत में दिमाग़ बिल्कुल ख़ाली। मेहनत ज़्यादा करने से बेहतर है उसे समझदारी से करना। मायने यह रखता है कि पढ़ाई कैसे हो रही है, सिर्फ़ यह नहीं कि कितनी।
हम इसे ऐसे सँभालते हैं:
अंतराल पर दोहराव। हम शब्दों को लगभग उस वक़्त वापस लाते हैं जब उनके भूलने की संभावना होती है, ताकि तुम उन्हें बार-बार बस देखने के बजाय सच में याद से निकालो।
अपना संदर्भ। हम शब्दों को तुम्हारे स्तर और रुचियों से मेल खाती कहानियों और संदर्भ में टिकाते हैं, ताकि तुम्हारे दिमाग़ के पास जुड़ने के लिए ज़्यादा काम की कड़ियाँ हों।
स्तर बढ़ना। तुम्हारा फ़्लैशकार्ड तुम्हारे साथ बढ़ता है। पहले शब्द से जान-पहचान होती है। फिर उसे लिखा जाता है। भरोसा आने पर उसे वाक्य में और ख़ाली जगह वाली कहानियों में इस्तेमाल किया जाता है।
पूरे समय एक्टिव रिकॉल चलता है: शब्द को सिर्फ़ पहचानने के बजाय सच में याद से निकालना।
मक़सद यह है कि जो कहना है, जब कहना है, तब कह सको। किसी शब्द के भूल जाने की वजह से अपनी बात हल्की न करनी पड़े, और उसे दसवीं बार दोबारा न खोजना पड़े।
नहीं। फ़्लैशकार्ड शब्द और उसका मतलब दिखाता है। liivret आगे जाता है: शब्द याद से निकालना, टाइप करना, अपने वाक्यों में इस्तेमाल करना और छोटी कहानियों व सुनने के अभ्यास में उससे दोबारा मिलना होता है। मक़सद ऐसा शब्द है जो बातचीत के बीच अपने आप सूझे, जब याद दिलाने वाला कुछ न हो।
फ़्लैशकार्ड यह समझने में अच्छे हैं कि शब्द का मतलब क्या है। पर शब्द को देखकर पहचान लेना और बोलते वक़्त उसका ख़ुद सूझ जाना, दोनों एक चीज़ नहीं हैं।
यही चीज़ खीझ पैदा करती है। शब्द पढ़ा हुआ है। वह पहचान में आता है। वाक्य में शायद पूरी तरह समझ भी आता है। फिर बातचीत में अचानक मन में आता है, “वह शब्द क्या था फिर से?”
हमने liivret इसी फ़ासले को पाटने के लिए बनाया है।
इसीलिए तुम्हारे शब्द सिर्फ़ फ़्लैशकार्ड पर नहीं रहते। उन्हें देखो, याद करो, लिखो, वाक्यों में इस्तेमाल करो और कहानियों व सुनने के अभ्यास में दोबारा पाओ। एक शब्द के साथ जितने तरीक़ों से काम करो, उसके इर्द-गिर्द उतनी ही कड़ियाँ जुड़ती हैं।
तो तुम्हारे लिए इसका मतलब क्या है?
नई भाषा में बोलते, लिखते, काम करते, घूमते या रहते हुए, सीखे हुए शब्द ज़रूरत पड़ने पर तुम्हारे पास होते हैं।
शब्द बस पहचान में नहीं आता।
वह ज़ुबान पर आ जाता है।
क्योंकि तुम्हारी शब्दावली बहुत सी जगहों में बिखर जाती है: नोट्स ऐप, स्क्रीनशॉट, Anki डेक, सेव किए वीडियो और आधी-याद लिस्टें। liivret सब कुछ एक डेक में रखता है। अपना डेक बनाओ, जाँची हुई फ़्रीक्वेंसी लिस्ट से शुरू करो, अपने शब्द पेस्ट करो या जो पहले से है उसे इम्पोर्ट करो, और हर दोहराव का शेड्यूल liivret बनाता है।
तुम्हारी शब्दावली हर जगह बिखरी नहीं होनी चाहिए।
नोट्स ऐप
स्क्रीनशॉट
Anki डेक
सेव किए हुए TikTok
इधर-उधर की लिस्टें
ऐसे शब्द जो एक बार सुने और बाद में देखने का सोचा
liivret तुम्हें वह शब्दावली इकट्ठा करने की एक जगह देता है जो सच में सीखनी है, चाहे अपना डेक बनाओ, जाँची हुई फ़्रीक्वेंसी लिस्ट से शुरू करो, अपने शब्द पेस्ट करो या जो पहले से है उसे इम्पोर्ट करो।
शब्द चुनना तुम्हारा काम है। liivret डेक बनाता है, सब कुछ एक जगह सलीक़े से रखता है और याद रखता है कि आगे क्या लौटना है, ताकि तुम्हारा वक़्त सीखने में जाए, सीखने के इंतज़ाम में नहीं।
तुम बस खोलो और सीखो।
हाँ। liivret हर स्तर पर काम करता है, क्योंकि शब्द तुम्हारी अपनी पसंद के होते हैं। कोई भाषा दोबारा उठाना, परीक्षा की तैयारी या काम की ख़ास शब्दावली, सब चलता है, और डेक व कहानियाँ तुम्हारे स्तर और रुचियों के हिसाब से ढलते हैं। liivret में नए होने से “नमस्ते” और “सेब” से शुरू नहीं करना पड़ता।
क्योंकि क्या सीखना है, यह तुम्हारे हाथ में है, वह तुम्हारे साथ बढ़ सकता है। चाहे कोई भाषा दोबारा उठानी हो, परीक्षा की तैयारी हो या काम की बहुत ख़ास शब्दावली, तुम्हारे डेक और कहानियाँ तुम्हारे स्तर और रुचियों के हिसाब से ढलते हैं।
liivret से शुरू करने का मतलब यह नहीं कि बिल्कुल शुरू से शुरू करना पड़े।
तो जो शब्द आते हैं उन्हें छोड़ दो। डेक में क्या जाएगा, यह तुम्हारे हाथ में है, इसलिए शुरू से शुरू करने के बजाय उस शब्दावली के आसपास डेक बनाओ जो तुम्हारे पास नहीं है: किसी एक विषय का डेक, या सिर्फ़ उन शब्दों का डेक जो बार-बार भूल जाते हैं।
बुनियादी बातें आती हैं? उन्हें छोड़ दो। किसी ख़ास विषय का डेक चाहिए? बना लो। उन शब्दों पर ध्यान देना है जो बार-बार भूल जाते हैं? liivret इसी के लिए है।
हाँ। liivret को बताओ कि तुम्हें किसलिए सीखना है, जैसे नई नौकरी, विदेश जाना, कोई परीक्षा या कोई शौक़, और वह आम लिस्ट की जगह उन्हीं शब्दों के आसपास डेक बनाता है। अपने शब्द पेस्ट भी किए जा सकते हैं और पहले से बना डेक इम्पोर्ट भी, ताकि शब्दावली शुरू से तुम्हारी अपनी हो।
तुम्हें उस आम लिस्ट तक सीमित नहीं रहना पड़ता जिसे किसी ने तय कर दिया कि हर भाषा सीखने वाले को आनी चाहिए।
liivret को बताओ कि तुम्हारी दिलचस्पी किसमें है, पढ़ाई क्या चल रही है, कहाँ जाना है या उस भाषा में क्या करना है, और अपनी पढ़ाई उसी के आसपास बनाओ।
क्योंकि अपनी ज़िंदगी जीने के लिए तुम्हें जो शब्द चाहिए, ज़रूरी नहीं कि वही किसी और को भी चाहिए हों।
जितना चाहो, उतना। नए शब्द कितने सीखने हैं, यह तुम तय करो, और टिके रहने के लिए पाँच मिनट काफ़ी हैं। कुछ दिन छूट जाएँ तो नए शब्द तब तक रुके रहते हैं जब तक तुम्हारे दोहराव बराबर नहीं हो जाते, इसलिए ढेर कभी हाथ से नहीं निकलता।
कितने नए शब्द सीखने हैं, यह तुम्हारे हाथ में है, यानी रफ़्तार तुम्हारी, और लय liivret सँभालता है।
कुछ दिन छूट गए? कोई बात नहीं। नए शब्द तब तक रुके रहते हैं जब तक तुम्हारे दोहराव बराबर नहीं हो जाते, इसलिए ढेर कभी हाथ से नहीं निकलता।
पाँच मिनट हैं? पाँच मिनट कर लो। ज़्यादा वक़्त है? चलते रहो।
आते-जाते, लाइन में खड़े या जब भी कुछ मिनट मिलें, अभ्यास करो। इसे तुम्हारी ज़िंदगी के बीच फ़िट होने के लिए बनाया है, ताकि यह उस पर हावी न हो।
कुछ बुरा नहीं होता। कुछ दिन छूटने पर liivret नए शब्द तब तक रोक देता है जब तक तुम्हारे दोहराव बराबर नहीं हो जाते, ताकि बराबरी करते हुए ढेर बढ़ता न रहे। वहीं से आगे बढ़ो जहाँ छोड़ा था, अपनी सुविधा की रफ़्तार से।
ज़िंदगी में यह सब चलता है। तुम्हारे भाषा सीखने वाले ऐप को इसके लिए तुम्हें बुरा महसूस नहीं कराना चाहिए।
हाँ। liivret तुम्हारे फ़ोन के ब्राउज़र में चलता है, इसलिए जहाँ भी कुछ मिनट मिलें, शब्द दोहराए जा सकते हैं और कहानियाँ पढ़ी जा सकती हैं: सफ़र में, लाइन में, ब्रेक में। लैपटॉप पर साइन इन करो तो वहाँ भी सब कुछ मौजूद है।
अभी liivret शब्दावली सिखाता है, क्योंकि समझने और अपनी बात कहने के लिए सबसे पहले शब्द ही चाहिए। हर शब्द के साथ ऑडियो, उदाहरण वाक्य, लिखने का अभ्यास और छोटी कहानियाँ मिलती हैं। आगे हम अभ्यास करने और बोलने के और तरीक़े जोड़ रहे हैं।
पर liivret शब्दों की लिस्टें रटवाने से कुछ बड़े की ओर बन रहा है।
हाँ। liivret याददाश्त की रिसर्च पर बना है: अंतराल पर दोहराव (Cepeda et al., 2006), याद से निकालने का अभ्यास (Karpicke and Roediger, 2008) और कहानी के भीतर शब्द सीखना (van den Broek et al., 2022, जिसमें कहानी पढ़ने वालों को 62% शब्द याद रहे, बाक़ियों को 35%)। हमने अपनी कोई स्टडी नहीं की है।
हाँ। liivret 7 दिन मुफ़्त है और इसके लिए क्रेडिट कार्ड नहीं चाहिए, और जिस दिन भी सेशन पूरा करो, एक और मुफ़्त दिन जुड़ता है, कुल 14 दिन तक। उसके बाद हर महीने $6.99 या हर साल $69.99। कोई छिपी फ़ीस नहीं, जब चाहो रद्द करो, और हर रिन्यूअल से पहले हम तुम्हें ईमेल करते हैं।
हम समझते हैं, आजकल सब कुछ पेवॉल के पीछे है और हर जगह क्रेडिट कार्ड देना पड़ता है। हमें यह तरीक़ा पसंद नहीं। हमें वही लोग चाहिए जो ख़ुद हमारे साथ रहना चाहें।
हम चाहते हैं कि तुम इसे सच में इस्तेमाल करो और देखो कि यह कितना काम का है। आख़िर हमने इसे इसीलिए बनाया है।
कुछ छिपा हुआ नहीं। जब तुम्हारे 7 मुफ़्त दिन पूरे हो जाएँ (अभ्यास करते रहो तो 14 तक), तब $6.99 का मासिक प्लान या $69.99 का सालाना प्लान चुनो, या बिना किसी झंझट के छोड़ दो। शुरू करने के लिए हम कभी क्रेडिट कार्ड नहीं माँगते, और हर रिन्यूअल से पहले तुम्हें ईमेल करते हैं।
अगर यह तुम्हारे लिए नहीं है, तो वह भी ठीक है।
आज़मा कर देखो। 7 दिन तक यह मुफ़्त है और क्रेडिट कार्ड नहीं चाहिए, इसलिए लागत बस कुछ मिनटों की है। एक डेक बनाओ, कुछ सेशन करो और देखो कि जो शब्द बार-बार भूल जाते हैं, वे अब याद रहते हैं या नहीं। न रहें तो तुमने कुछ खोया नहीं।
रवानी को एक मौक़ा दो।
आख़िर हमारी बात, या हमारी कम्युनिटी की बात, मान लेना ज़रूरी नहीं। ख़ुद देख लो।
हमारी तुलना
liivret बनाम Anki और Quizlet
ये अच्छे टूल हैं। बस सारा काम तुम्हें ख़ुद करना पड़ता है।
liivret
Anki / Quizlet
आसान शुरुआत और जाँचे हुए डेक
liivret: कुछ सेकंड में तैयार। जाँची हुई फ़्रीक्वेंसी लिस्टें, या एक वाक्य से अपनी थीम वाला डेक।
Anki / Quizlet: ख़ाली पन्ना। कार्ड एक-एक करके टाइप करो या कोई ठीक-ठाक कम्युनिटी डेक ढूँढो।
ऑडियो और बारीक़ियाँ
liivret: नेटिव ऑडियो, उदाहरण वाक्य और लिंग के रंग, तुम्हारे लिए बने बनाए।
Anki / Quizlet: हर ब्योरा ख़ुद ढूँढना और टाइप करना पड़ता है।
संदर्भ और कहानियाँ
liivret: ख़ाली जगह वाली अपनी कहानियाँ, ज़ोर से पढ़ी हुई, तुम्हारे स्तर पर सुनने और डिक्टेशन के लिए।
Anki / Quizlet: अकेले शब्द। न संदर्भ, न सुनने का अभ्यास, न कहानियाँ।
इमर्शन मोड
liivret: एक स्विच पूरे ऐप को तुम्हारी सीखी जा रही भाषा में बदल देता है।
Anki / Quizlet: सिर्फ़ इंटरफ़ेस की भाषा, वह भी सेटिंग में कहीं छिपी हुई।
रफ़्तार और बैकलॉग
liivret: अपनी रफ़्तार से सीखो। पीछे रह जाओ तो नए शब्द रुके रहते हैं, जब तक तुम बराबरी पर नहीं आ जाते।
Anki / Quizlet: दोहराव के अंतहीन, तनाव भरे ढेर, जो एक दिन छूटने पर भी बढ़ते जाते हैं।
लक्ष्य और ट्रैकिंग
liivret: तय करो कि कितने नए शब्द सीखने हैं। बने-बनाए ट्रैकर तुम्हें राह पर रखते हैं।
Anki / Quizlet: कोई मंज़िल या लक्ष्य की योजना नहीं। बस कार्ड पलटते रहो।
अब भी पढ़ना जारी है? इतनी देर में तीन शब्द सीखे जा चुके होते।
हमें बताओ कि क्या सीखना है, और तुम्हारा पहला डेक कुछ सेकंड में तैयार है। 7 दिन मुफ़्त, क्रेडिट कार्ड नहीं चाहिए।
7 दिन मुफ़्त · क्रेडिट कार्ड नहीं